मकरोनिया-:आज भारत के 70प्रतिशत से अधिक उभरते हुए चैंपियन और पदक विजेता देश के छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर आ रहे हैं। सफलता रातों-रात नहीं मिलती, यह हर दिन खुद को थोड़ा थोड़ा बेहतर बनाने का परिणाम है। जो समय के अनुसार स्वयं को बदलता है, वही आगे बढ़ता है। आज के युग में नई तकनीकों को सीखना समय की आवश्यकता है। यह प्रेरक संदेश पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने दीपक मेमोरियल एकेडमी की मेधावी विद्यार्थियों की अवार्ड सेरेमनी में मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में दिया। उन्होंने डीएमए अकेडमी में रोबोटिक्स लैब का भी उद्घाटन किया।
पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो काम आज हो सकता है, उसे कल पर टालना ही असफलता है।आपकी तरक्की व्यस्तता पर नहीं, व्यवस्थित काम पर निर्भर करेगी। जो समय के अनुसार स्वयं को बदलता है, वही आगे बढ़ता है। आज के युग में नई तकनीकों को सीखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संभाल कर रखी हुई चीज और ध्यान से सुनी गई बात कभी न कभी काम आ ही जाती है । पूर्व गृहमंत्री श्री सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति बेंजामिन फ्रैंकलिन के संस्मरणों को उद्धत करते हुए कहा कि समय ही धन है,खोया हुआ समय दोबारा नहीं मिलता, जल्दी सोना और जल्दी उठना और समय में निवेश करना आज भी विद्यार्थियों के लिए जीवन-मंत्र हैं। उन्होंने बताया कि बेंजामिन फ्रैंकलिन ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अपनी खुद की किताबें खरीदने के लिए पैसे बचाए, शाकाहारी बनकर खाने के खर्च का आधा हिस्सा बचाकर किताबों पर लगाया और पढ़ते हुए पत्रिका के लेखों की नकल करके लिखना सीखा, और फिर खुद लेख लिख कर अपने लिए धन और लोकप्रियता अर्जित कर अमेरिका के राष्ट्रपति पद तक पहुंच गए।
उन्होंने कहा कि युवा अवस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौर होती है। यही वह समय है जब आप अपने सपनों को उड़ान देकर अपने भविष्य की नींव रख सकते हैं। दूसरों में अच्छाई ढूँढो, और खुद में अपनी कमियाँ रोज की दिनचर्या बनाएं फ्रैंकलिन की तरह एक समय-सारणी बनाएं, पढ़ाई, खेल, नींद, सबका समय तय करिए। सुबह खुद से पूछें, आज मैं क्या अच्छा करूँगा? और रात को स्वयं से पूछिए कि, आज मैंने क्या अच्छा किया? उन्होंने कहा कि रिस्क (जोखिम) लेना युवाओं का स्वाभाविक गुण होना चाहिए जो सुरक्षित किनारे पर खड़े रहते हैं, वे कभी समंदर की गहराई नहीं नाप सकते। जो खेलेगा, वही खिलेगा। युवाओं के लिए फिटनेस और खेल केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि यह टीम वर्क और चरित्र निर्माण का साधन हैं।
पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि नए स्टार्टअप और उद्योग स्थापित करने का अवसर भी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव क्षेत्र का विस्तार हो रहा है। भारतीय रोबोटिक्स बाजार में ऑटोमोटिव क्षेत्र का ऐतिहासिक बर्चस्व रहा है, जो कुल मांग का 30 से 36 प्रतिशत हिस्सा रखता है। रोबोटिक्स लैब विद्यार्थियों को केवल तकनीक नहीं सिखाती, बल्कि उन्हें भविष्य का निर्माता बनाती है। रोबोटिक्स के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए भारत में कई शैक्षणिक विकल्प मौजूद हैं। छात्र छात्राओं को इसमें भविष्योन्मुखी करियर चुनना चाहते हैं। भारत के युवाओं के लिए सुनहरे अवसर सबसे अधिक अवसर रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बन रहे हैं। जो युवा आज इन तकनीकों को सीखेंगे, वही कल दुनिया का नेतृत्व कर सकते हैं। उन्होंने अपने संस्थान में रोबोटिक्स लैब स्थापित करने के लिए दीपक मेमोरियल एकेडमी के चेयरमैन ब्रज जायसवाल, प्रिंसिपल डॉ रितु जायसवाल और उनके पुत्र श्रीकृष्ण जायसवाल को शुभकामनाएं दीं।
5 हजार पुस्तकों से पूर्व मंत्री का स्वागत किया
अकेडमी की ओर से चेयरमैन और प्रिंसिपल जायसवाल परिवार ने पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक का पुष्प माला के स्थान पर जरूरतमंद विद्यार्थियों में वितरण हेतु 5000 पुस्तकें भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन ब्रज जायसवाल, प्रिंसिपल डॉ ऋतु जायसवाल, वाइस प्रिंसिपल अजय श्रीवास्तव और श्रीकृष्ण जायसवाल मंच पर उपस्थित रहे।
मेरिट में आए इन विद्यार्थियों को मिला अवार्ड
दीपक मेमोरियल एकेडमी की अवार्ड सेरेमनी में पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने सीबीएससी बोर्ड परीक्षा में विभिन्न विषयों के मेरिट में आए विद्यार्थियों को सार्टिफिकेट और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। जिन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया उनमें विद्यार्थियों को प्राप्त प्रतिशत अंक - अक्षत गौतम(97.20), हर्षिदा जोशी(96.40), आर्या जैन(93.80), देवांश तिवारी (92.60), सूर्या सिंह दांगी(92.60), संजू पांडे(92.40), अनुभव केशरवानी (92.00), लक्ष्य छेत्री (91.80), शयांक जैन(91.80), आयुष कुमार(91.60), दर्शिका राठौर(91.60), मानसी राजपूत(91.00), करुण आठिया(90.40), सूर्या गोस्वामी(90.20), राघवेंद्र सिंह(89.80), वेदांत चंदेल(89.40), गरिमा पाराशर(89.20) 12वीं कक्षा के टाॅपर्स विद्यार्थियों को प्राप्त प्रतिशत अंक- आर्ट्स टॉपर - जिया खान(96.8), सांब कोड़ेरिया(92.6), भूमिका कुशवाहा(92.4), देविका राजपूत(91.8) कॉमर्स टॉपर - विधि केशरवानी(94.6), माही जैन(94), श्रेया जैन(91.8), गौरांग जैन(90.4) पी.सी.बी टॉपर - कार्तिक महाजन(95.8), माधवं दुबे(91.2), मानसी कुशवाहा(88.4), पी.सी.एम टॉपर - शिवम पंजवानी(94.8), नूर फरा(93.2), आदित्य सिंह राठौर(85.6) शामिल रहे।
संवाददाता - रामबाबू पटेल, जिला सागर मध्यप्रदेश
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