मौ (भिंड)। रविवार को हुई मौ नगर में सीज़न की पहली तेज बारिश ने नगर परिषद के जल निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है। मात्र कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश से पूरा नगर जलमग्न हो गया। स्थिति यह रही कि वार्डों और सब्जी मंडी क्षेत्र की मुख्य गलियों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जलमग्न हुई सब्जी मंडी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
लगातार हुई इस बारिश के कार मौ नगर की मुख्य सब्जी मंडी पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गई। मंडी डूबे रहने से जहां एक तरफ व्यापारियों का भारी नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी तरफ आस-पास की गलियों में पानी का स्तर बढ़ने से वर्षा का गंदा पानी लोगों के घरों के भीतर तक घुस गया।
नगर परिषद की बड़ी लापरवाही आई सामने
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। आक्रोशित नागरिकों का कहना है कि इस वर्ष नगर परिषद द्वारा मानसून पूर्व नालों की सफाई (सिल्ट सफाई) बिल्कुल नहीं कराई गई।
घट गई नालों की गहराई: स्थानीय निवासियों के मुताबिक, जिस मुख्य नाले की गहराई लगभग 3 फीट थी, वह कचरे और मिट्टी के कारण घटकर मात्र 1 फीट रह गई है।
बैक मार रहा है पानी: नाला चोक होने के कारण बड़े नाले का पानी आगे निकलने के बजाय छोटी नालियों के रास्ते वापस (बैक) मार रहा है। यही वजह है कि कुछ ही घंटों में पूरा पानी सड़कों से होता हुआ घरों में पहुंच गया।
पीने के पानी के स्रोत भी हुए दूषित
जलभराव की समस्या यहीं नहीं रुकी। जिन घरों के नल नीचे हैं या खुले रह गए थे, जलभराव के चलते उन नलों के भीतर भी नालियों का गंदा और दूषित पानी समा गया है। इससे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। नागरिकों ने मांग की है कि नगर परिषद तुरंत इस समस्या का संज्ञान ले, नालों की सफाई कराए और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करे।


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