बीना-: विकासखंड बीना में किसान लगातार पारंपरिक फसलों से हटकर फसल विविधीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। ग्राम गुलौआ के प्रगतिशील किसान राजा बाबू यादव ने इस वर्ष 30 एकड़ भूमि में तिल तथा 20 एकड़ भूमि में ज्वार की बुवाई की है।
वैज्ञानिक तरीके से की बुवाई
किसान राजा बाबू यादव ने बताया कि तिल की बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह से तैयारी की गई। बीजोपचार के बाद सीड ड्रिल मशीन की सहायता से बुवाई की गई। उन्होंने लगभग 1.5 से 2 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से तिल के बीज का उपयोग किया।
विशेष उपलब्धि:
किसान ने बुवाई मशीन में एक नया अटैचमेंट लगाकर तिल की वैज्ञानिक एवं समान दूरी पर बुवाई की। इससे बीज की बचत के साथ-साथ बेहतर अंकुरण और अच्छी फसल प्राप्त करने की संभावना बढ़ गई है।
कृषि अधिकारियों की सराहना
विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने किसान राजा बाबू यादव के खेत का निरीक्षण किया। उन्होंने किसान द्वारा अपनाई गई आधुनिक तकनीक और मशीन में किए गए नवाचार की प्रशंसा की।
अवधेश राय ने कहा कि यह प्रयोग अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर फसल विविधीकरण को बढ़ावा दें, जिससे आय में वृद्धि के साथ ही जोखिम भी कम हो सके।
संवाददाता - रामबाबू पटेल, जिला सागर (मध्यप्रदेश)
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