देवरीकला-: शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवरी में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के अंतर्गत 21 सितंबर सोमवार को हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत हिंदी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले साहित्यकारों पर केन्द्रित विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया महाविद्यालय के प्राचार्य डॉं ओमप्रकाश दुबे ने इस अवसर पर कहा कि साहित्यकारों ने कभी भी हिंदी को एक कड़े व्याकरण के दायरे में बांधकर सीमित नहीं किया, बल्कि समय-समय पर इसमें विभिन्न लोक भाषाओं, प्रांतीय बोलियों और विदेशी भाषाओं के शब्दों को भी खुले दिल से समाहित किया है। इसी उदारता के कारण आज हिंदी अधिक जीवंत, लचीली और जन-जन की भाषा बन सकी है। कार्यक्रम प्रभारी शिवलाल अहिरवार ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि
‘‘आज की युवा पीढ़ी ब्लॉग, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदी के एक नए व्यावहारिक रूप को गढ़ रही है, जो सराहनीय है। हिंदी” अधिक जीवंत, लचीली और जन-जन की भाषा बन चुकी है।
इस दौरान डॉ. जी आर चैहान संतोष मिश्रा डॉ.राजेन्द्र नागेश, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉं मनीषा पांडे, डॉ. भूपेंद्र अहिरवार, डॉ आनंद भट्ट चंदन सिंह अहिरवार प्रेम नारायण साहू एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
संवाददाता - रामबाबू पटेल देवरी कला, जिला सागर
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