गोटेगांव-: क्षेत्र में चोरी छुपे चल रहा है केमिकल युक्त गुड का अवैध निर्माण ,व्यापारियों के पुराने सड़े गले गुड को दोबारा केमिकल डालकर किया जाता है तैयार व्यापारी कमा रहे मोटा मुनाफा। The state halchal News

गोटेगांव - नरसिंहपुर जिले का गुड देश-विदेश मैं अपने स्वाद और मिठास के लिए विख्यात है लेकिन बेमौसम बनाया जा रहा गुड आपको बनाने की विधि देखने से गुड़ खाने से नफरत हो जाए।गोटेगांव के समीपवर्ती ग्राम पिपरिया (लाठगांव) से मनकवारा रोड के 200 मीटर अंदर खेत में यह सब कारोबार संचालित हो रहा है और यहां पर अवैध केमिकल युक्त गुड बनाया जा रहा इस घटिया तरीके से केमिकल युक्त गुड की सूत्र द्वारा जानकारी सामने आई है,आम जनों की जान से हो रहा खिलवाड़ वैसे तो इस मौसम में गुड़ भट्टियां और चिमनिया बंद हो जाती हैं, लेकिन क्षेत्र में  केमिकल युक्त गुड़ जो क्षेत्र के व्यापारियों के गोदाम में रखा रखा खराब होकर सड़ जाता है वह गुड़ आमजन के उपयोग के लिए नहीं रहता बेकार हो जाता है, तब क्षेत्र के व्यापारी अपनी सेटिंग जमा कर उसी गुड को पिपरिया क्षेत्र के एक गुड भट्टी पर भेज देते हैं और फिर इस गुणवत्ताहीन गुड़ को दोबारा (डिसलरी) रीसाइकलिंग करके केमिकल डालकर फिर से नया गुड़ बना दिया जाता है। और व्यापारी को दोबारा वापस माल भेज दिया जाता है और इस गुणवत्ताहीन केमिकल युक्त गुड़ को दोबारा बाजारों में बेचा जाता है भले ही इस गुणवत्ताहीन केमिकल युक्त गुड़ से जनहानि ही क्यों ना हो जाए लेकिन इन गुड़ माफियाओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता और उनकी अवैध चिमनिया और भट्टियां आज भी पिपरिया क्षेत्र में बेखौफ चल रही है। जिन्हें रोकने रोकने वाला कोई नहीं है स्थानीय प्रशासन खाद्य विभाग आंख बंद करके उनकी कारगुजारियों पर पर्दा डाल रहा है। जबकि  आसपास के लोगों का दुर्गंध से जीना मुहाल हो रहा है। उक्त जानकारी सूत्र द्वारा प्राप्त हुई है और सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि जहां पर इस अवैध गुड़ को गर्म करके केमिकल डालकर दोबारा बनाया जाता है वहां पर सख्त पहरा रखा जाता है, भट्टी को घेरकर तार बाड़ी है ताकि कोई व्यक्ति अंदर ना सके और गेट पर पहरेदार खड़ा रहता है अंदर से गेट लगा दिया जाता है,एवं जब गुड़ को बनाया जाता है तब गुड की भट्टी को चारो तरफ से त्रिपालों के द्वारा पूरा तरह ढक दिया जाता है जिससे किसी को कानों कान खबर ना लगे। जबकि गुड़ निर्माण में केमिकल का प्रयोग वर्जित रहता है लेकिन यहां पर गुड़ में केमिकल का भरपूर उपयोग किया जा रहा है जो आमजान के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालेगा
लेकिन प्रशासन के नाक के नीचे यह सब अवैध गुड़ माफियाओं का व्यापार संचालित हो रहा है यह कहीं ना कहीं क्षेत्र में चर्चा का विषय जरूर बन रहा है अभी तक इन गुड माफिया पर शासन द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है यह मुद्दा जन चर्चा में बना हुआ है।शासन प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है शासन के अधिकारी क्यों खामोश हैं सरकार ध्यान दे
संवाददाता - रामबाबू पटैल, जिला सागर (मध्यप्रदेश) 

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