मौ| भ्रष्टाचार को लेकर किसी ने क्या खूब ही कहा है कि
रिश्वत नंगी नाचती फैला भ्रष्टाचार,
ना जाने इस देश का कैसे हो उद्धार।
कैसे हो उद्धार समझ मे कुछ नहीं आता,
रिश्वत दीए बिना काम कोई न हो पाता।
ऐसा ही एक मामला भिण्ड जिले की मौ तहसील के अंतर्गत ग्राम खेरिया जल्लू का सामने आया है जहां पर रिश्वत नंगी नाचती हुई नजर आ रही है आसान भाषा में कहें तो ग्राम पंचायत के अंतर्गत बिना रिश्वत के कोई कार्य ही नहीं हो रहा है
इसकी शिकायत ग्रामीणों ने तहसीलदार से लेकर एसडीएम तक की परंतु कोई कार्यवाही ना हो सकी इसके बाद ग्रामीणों ने भिंड कलेक्टर श्री श्रीवास्तव से ग्रामीणों को न्याय दिलाने और के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आश लगाई है आपको बता दें कि ग्राम खेरिया जल्लू की ग्राम पंचायत में पिछले कुछ समय से भ्रष्टाचार ने अपनी सारी हदे पार कर दी है जिससे परेशान होकर ग्रामीणों ने तहसीलदार एसडीएम एवं सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत की परंतु आज दिनांक तक उनकी समस्या का समाधान एवं भ्रष्टाचारियों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई ना की जा सकी इसके बाद ग्रामीणों ने मंगलवार 3 सितंबर को भिंड कलेक्टर श्री संजीव श्रीवास्तव को लिखित आवेदन दिया जिसमें उन्होंने ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार एवं उनके द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों से की गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई न होने की बात कही उन्होंने आवेदन में लिखा कि ग्राम पंचायत खेरिया जल्लु जनपद पंचायत गोहद में 12 बिंदुओं पर तहसीलदार महोदय को एसडीएम गोहद के नाम आवेदन पत्र दिया गया था लेकिन आज दिनांक तक गांव की कोई भी बिंदुओं का निराकरण नहीं किया गया है एवम जिसके बाद पटवारी एवम पंचायत सचिव द्वारा केवाईसी के नाम पर हितग्राहियों से 50 रुपए प्राइवेट लड़का बैठाकर लिए गए एवं राशन पर्ची बनवाने के नाम पर हितग्राहियों से 500 रुपये से लेकर 2000 रुपए लिए गए एवम शौचालय निर्माण कार्य होने के बाद हितग्राहियों के खाते में पैसे आने के बाद 2000 रुपए प्रति व्यक्ति लिए गए एवम जिस भी व्यक्ति द्वारा पैसे नहीं दिए जाते उसके काम नहीं करने की बोलकर धमका दिया जाता है जिससे गांव की जनता में पटवारी एवम पंचायत सचिव के लिए डर भरा रहता है और भी छोटे छोटे कामों के पंचायत सचिव और पटवारी द्वारा अवैध तरीके से पैसे वसूली करवा रहे हैं साथ ही उन्होंने भिंड कलेक्टर श्री श्रीवास्तव से सात दिवस के अंदर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
Report: Ajay Kushwah
Founder Chief Editor
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