गोटेगांव-:गोटेगांव नगर के लोगो को स्मरण होगा कि नगर देवता श्री देव ठाकुर बाबा जी का मन्दिर बेहद जीर्ण-शीर्ण हो गया था,कुछ भाग में अतिक्रमण भी कर लिया गया था मुख्य मार्ग तरफ के हिस्से में वर्षो पुरानी दुकाने थी ,कुल मिलाकर जीर्णोद्धार मुश्किल लगता था पर बाबा की कृपा एवं आशीर्वाद से आज श्री देव ठाकुर बाबा मन्दिर का बाह्य रूप देखते ही बनता है,आन्तरिक स्थल की अनूभूती भी आनन्द एवं श्रद्धा से परिपूर्ण है । मन्दिर के काया कल्प में मन्दिर के रख रखाव के लिये बने ट्रस्ट जिसके प्रमुख स्व. मणिनागेन्द्र सिंह मोनू पटेल के दादा श्री मुलाम सिंह पटेल है की तो प्रमुख भूमिका है ही, मोनू पटेल का भी अहम योगदान रहा है । यहा होने वाले वार्षिक भंडारे में हजारो लोग परसादी गृहण करते है । भंडारे की व्यवस्था मोनू मित्र मंडली करती ये साथ ही दीपावली की रात आम जनता और बच्चों के साथ हजारों की संख्या मे दीपों को प्रज्वलित करके दीपावली का पर्व मनाया जाता था ।
स्टेडियम ग्राउंड निर्माण एवं निरंतर विकास रही नजर- राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का कराया आयोजन
नेताजी सुभाष चंद्र जी बोस के नाम से निर्मित गोटेगांव में स्टेडियम निर्माण एवं विकास मे मोनू पटेल की भूमिका रही
अपने ताऊ केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं पिता प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल की तरह ही मोनू ने नगर को स्टेडियम की सौगात दिलाने तथा वहा निरंतर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन कर स्टेडियम में खिलाडियों और दर्शकों के हित की सुविधाये जुटाने के लिये सतत प्रयास किये । यह मोनू के प्रभाव का ही कमाल है कि स्टेडियम के दुरुपयोग की कोई कल्पना भी नही कर सकता खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन के साथ साथ खिलाडियों को उपयुक्त माहौल व आवश्यक किट उप्लब्ध करवाने मे भी मोनू पटेल उल्लेखनीय भूमिका निभाते थे
जनपद एवं नगर पालिका से जुडे विकास कार्यो पर रखते थें रूचि
गोटेगांव जनपद एवं नगर पालिका में 90 फीसदी विजयी सदस्य एवं पार्षद (अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित ) मोनू पटेल से सीधे जुडे है । उन्हे जिताने में मोनू पटेल की उल्लेखनीय भूमिका रही, अब जनता के कार्य समय पर हो , जनपद एवं नगर पालिका से जुडे विकास कार्यो पर रूचि रखा करते थे । साप्ताहिक जन सुनवाई के मूल मे भी यही भावना रखते थे जिससे शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में विकास की गंगा बह रही थी।
करते थे जन सुनवाई
प्रति सप्ताह घोषित दिवस पर एस आर जी आफिस में होने वाली जन सुनवाई मे वैसे तो सभी तरह के मामले आते थे लेकिन स्थानीय प्रशासन से जुडे विषयो व समस्याओ के समयबद्ध समाधान पर उनका जोर रहता था । शिक्षा,स्वास्थ्य,सुरक्षा के मामलो की बकायदा मानिटरिंग होती थी । आवेदक अथवा फरियादी ओर सम्बधित विभाग से सेतू की तरह लगातार सम्पर्क किया जाता था ।
जनसुनवाई मे आये गरीब बेटियों के विवाह एवं स्कूलों मे कालेजों मे पढ़ रहे बच्चों की फीस , यूनिफार्म ,और अन्य सुविधाओं से अभी तक कई हजारो लोग लाभान्वित हुये थे । इसके अलावा प्रतिदिन ही लोगों को आकस्मिक रूप से इलाज हेतु वाहन एवं आर्थिक मदद युवा नेता द्वारा की जाती रही है !
सम्भावनाशील युवा नेता रहे मणिनागेन्द्र सिंह " मोनू " पटेल
गोटेगांव मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक युवा नेता ने अपनी अलग ही पहचान बनाई थी प्रभावशाली,प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार मे पैदा हुए युवा नेता जन जन के चहेते रहे। यह भी सही है कि युवा नेता ने होश संभालते ही सत्ता की चकाचौंध को बहुत नजदीक से महसूस किया था । वह सत्तालोलुप लोगो की चापलूसी एवं चमचागिरी फ़िर कुछ समय उपेक्षा एवं प्रतिशोध के भी भंवरजाल मे फंसे । यह भी 100 फीसदी सत्य है कि आज की अवस्था तक आते-आते उससे कुछ गल्तिया भी हुई होंगी। लेकिन यह बिल्कुल सफेद झूठ है कि वह " किसी को कुछ नही समझता,वह क्रूर है,विरोधियो/आलोचको को निपटाने मे यकीन रखता है । यह बात हो रही है मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गोटेगाँव तहसील मुख्यालय मे जन्मे,पढे ओर बढ़े युवा नेता देवलोक गमन मणिनागेन्द्र सिंह " मोनू " पटेल की ।
मणिनागेंद्र मोनू पटैल की पहली खूबी रही "न्यायवादिता "
अपने समर्थको के बीच भाई राजा,मोनू भैया,मोनू पटेल के नाम से चर्चित मणिनागेन्द्र सिंह पटेल की सबसे बडी खूबी है " न्याय प्रियता ' । ये गुण उसे अपने दादा श्री मुलाम सिंह पटेल से मिला । मोनू के दादा भी एक जमाने से प्रगतिशील कृषक,व प्रभावी समाज सेवी हैं । क्षेत्र के बड़े-बड़े विवाद उन्होने सुलझाए ,भैया जी के नाम से प्रतिष्ठित श्री मुलाम सिंह पटेल जी ने किसी पंचायत मे कोई फैसला सुना दिया तो फ़िर बात वही खत्म हो जाती थी,उनकी न्यायप्रियता का लोगो मे भरोषा था । वही गुण पोते मोनू मे देखने मिलते थे ।
मणिनागेंद्र मोनू पटैल की दूसरी खूबी रही "स्पष्टवादिता "
देवलोक गमन मणिनागेंद्र सिंह मोनू पटेल की खूबी स्पष्टवादिता रही यह गुण भी युवा नेता को विरासत मे मिला है , उसके बड़े पापा केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की स्पष्टवादिता से सभी परिचित है । बात को घुमा फिरा के कहना या निर्णय को टालना,भूमिका बनाना न प्रहलाद जी को आता है ओर न ही मोनू को आता था। आन द स्पाट फैसला उनकी हाबी थी ।
देवलोक गमन मणिनागेंद्र मोनू पटैल की तीसरी खूबी रही " साहसी "
युवा नेता मोनू पटैल की तीसरी खूबी साहसी थी । यह गुण युवा नेता मोनू पटैल को अपने पिता पूर्व राज्यमंत्री एवं नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल से मिला था। जोखिम उठाकर लक्ष्य हासिल करना ,परिणाम की परवाह न करना पिता-पुत्र की पहचान भी है । मोनू के तारीफों के किस्से गोटेगाँव सहित नरसिंहपुर-जबलपुर-भोपाल सहित सुदूर अंचलो मे भी सुने जा सकते है ।
कोरोना काल मे बेमिशाल सेवा
कोरोना काल के दौरान मोनू एवं उस पर जान छिड़कने वाली मित्र मंडली ने क्षेत्र वासियो की जो सेवा की वह लोग कभी भुला न पायेंगे । सैकड़ो परिवारो को राशन,दवाई एवं जरुरत की चीजे वह भी एक दो दिन नही पूरे लाक डाउन के दौरान निरंतर निशुल्क वितरित की गई। जब आक्सीजन की कमी आई तो अपने सम्पर्को के दम पर आक्सीजन की पूर्ति करवाई । जिन कोरोना पाजिटिव को उनके परिजन छूने तैयार नही थे उन्हे मोनू एवं उनकी टीम के लोगो ने आवश्यक सावधानी बरतकर हास्पिटल पुहचाकर उनकी जान बचाई । घरो में कोरन्टाइन/आइसोलेट मरीजो एवं उनके परिजनो को भोजन-पानी,सब्जी,राशन ,दवा इत्यादी पुहचाने की उन कठिन क्षणो में चुनौतीपूर्ण व्यवस्था का जिम्मा मोनू पटेल ने उठाया था ,परिणाम स्वरूप स्वयं अपने परिजनो सहित पाजिटिव हो गये, फिर भी हास्पिटल मे रहते हुये भी सेवा अभियान को शिथिल नही होने दिया ओर अस्पताल से ही मानिटरिंग जारी रही।
कोरोना काल मे निरंतर सेवा का तत्कालीन अभियान क्षेत्र वासियो को हमेशा याद रहेगा ।
प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन
युवा नेता मोनू पटेल के अथक प्रयासों का ही सुखद परिणाम था की गोटेगाँव जैसे छोटी जगह में भी प्रतिवर्ष विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता था ,जिसमे हर वर्ग के युवा साथी सहित ,सभी लोग बढ़चढ़ कर रक्त दान करते थे ,
जिसका लाभ आकस्मिक उपचार के समय आम जन को पहुँचता रहा है लोगो इलाज के समय रक्त आसानी से मिल जाता था !
ग्लेमराईज्ड,जीवन युवा नेता का
कारो के शौकीन मोनू की ग्लेमराईज्ड जीवन शैली भी विरोधियो/आलोचको के रस्क का कारण रही है, प्रधानमंत्री मोदी की तरह युवा नेता मोनू भी क्षेत्र मे फैशन आइकान माने जाते थे। युवा नेता के फेन फालोइन्ग लाखो मे है ,भाई राजा के चाहने वाले कई हजारो मे है, उसके लिये मर-मिटने तक की प्रतिबद्धता वाले सैकड़ो समर्थक है । शादी-पार्टी मे मोनू की उपस्थिति मात्र से शमा बन्ध जाता था । सर्दियो मे भी माहौल गर्म हो जाता है । सार्वजनिक आयोजनो मे सेलेबिर्टी जैसी फीलिंग का अनुभव लोग करते है । वैसे भी कद-काठी,चेहरे-मोहरे से फिल्मी हीरो के मानिन्द दिखने वाले मोनू को कुछ अति उत्साही समर्थक " सैल्फी ब्वाय " के नाम से भी पुकारते थें।
गरीबो-कमजोरो,वंचितो-शोषितो के मसीहा रहे मोनू पटैल
गरीबो-कमजोरो,वंचितो-शोषितो के बीच मसीहा के रूप मे मोनू पटैल की छवि ,युवा नेता की ज्ञात पहचान मे विरोधाभाष पैदा करती है । अपने साथी-सहयोगी अथवा फालोवर की मदद के लिये वह किस हद तक जा सकता थे कोई कल्पना भी नही कर सकता । इस मामले मे युवा नेता मोनू पटैल अपने दादा,बड़े पापा,पापा से भी एक कदम आगे रहे ,यही कारण है कि भाई राजा के पास युवाओ की एक ऐसी टीम है जो कि अपने " भाई राजा " की शान बढाने के लिये आये दिन विविध उपक्रम करते थे और आगे भी करते रहेंगे इसी तारतम्य मे 28 दिसम्बर को स्व. मोनू का जन्मदिन हुआ करता था जिसे मनाने के लिये फालोवर एक माह पहले से तैयारिया शुरु कर देते थे। मोनू पटेल की अनेकानेक खूबियो को देखते हुए क्षेत्र के लोग मणिनागेंद्र सिंह मोनू पटेल मैं भविष्य के जनप्रतिनिधि की क्षवि देखते थें, जिले एवं प्रदेश के युवाओ का मत था कि वह 'सम्भावनाशील ' युवा नेता हो ,उसकी सामाजिक सेवाओ को देखते हुए उसे जल्द ही नये अवतार मे देखने के लिए भावुक थे
संवाददाता - रामबाबू पटैल, देवरी कला, जिला सागर
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