Sagar-:12 सितंबर को खुरई में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का होगा अनावरण, 22 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात - अविराज सिंह।The State Halchal News

मालथौन-: 12 सितंबर को खुरई में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण तथा लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन होने जा रहा है। युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर निर्मित नवीन नगर पालिका भवन में उनकी प्रतिमा का अनावरण होना खुरई विधानसभा क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन केवल प्रतिमा अनावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र प्रथम, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के उन मूल्यों को स्मरण करने का अवसर है, जिनके लिए डॉ. मुखर्जी ने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।

विधायक कार्यालय मालथौन में कार्यकताओं की बैठक में  युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि दोपहर 12 बजे  संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के पार्क के पास आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े तथा पूर्व मंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मालथौन, बरोदियाकलां और बांदरी सहित क्षेत्र में कार्यकर्ताओं एवं वरिष्ठजनों के साथ बैठकें आयोजित कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अब 12 सितंबर के कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय होकर अधिक से अधिक लोगों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करना है। इसके लिए आगामी दिनों में प्रत्येक बूथ पर छोटी बैठकें आयोजित कर कार्यक्रम की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और हर बूथ से अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आमंत्रण पत्रों का घर-घर जाकर वितरण किया जाए और जिस व्यक्ति को निमंत्रण पत्र दिया जा रहा है, उसका नाम पत्र या लिफाफे पर अवश्य लिखा जाए, ताकि आमंत्रण में व्यक्तिगत आत्मीयता और सम्मान की भावना दिखाई दे। इसके साथ ही युवाओं तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग करने, कार्ड वितरण और जनसंपर्क के फोटो-वीडियो साझा करने तथा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने बूथ से लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने की अपील वाले वीडियो बनाने का भी आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से एक ओर कार्यक्रम का व्यापक प्रचार होगा, वहीं दूसरी ओर यह भी जानकारी मिलती रहेगी कि किन वार्डों और ग्रामों में जनसंपर्क पूरा हो चुका है और कहां अभी और प्रयास की आवश्यकता है।

अविराज सिंह ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक विधानसभा क्षेत्र-36 खुरई में ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत विभिन्न सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को प्रत्येक बूथ पर दीप प्रज्ज्वलन एवं विकसित भारत-2047 का संकल्प लेकर अभियान की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान नमो सेवा गाथा, सेवा ज्योति यात्रा, विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेवा मेरा योगदान और सेवा सेतु अभियान सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ सहित रचनात्मक एवं जनभागीदारी के कार्यक्रम होंगे तथा 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ’ का राष्ट्रीय आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य सेवा, जनसंपर्क और जनजागरूकता को और मजबूत करना है तथा कार्यकर्ताओं को इन कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। अन्य कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा और तिथियों का कैलेंडर पृथक रूप से जारी किया जाएगा।

अविराज सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता की भावना से प्रेरित था। उन्होंने नेहरू जी की मंत्रिपरिषद में उद्योग मंत्री के रूप में कार्य करते हुए देश की औद्योगिक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उनका मानना था कि भारत की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब गांव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हों तथा प्रत्येक भारतीय को अच्छी शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों। उन्होंने हर भारतीय के शिक्षित और सशक्त होने की कल्पना के साथ एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सपना देखा था। अविराज सिंह ने कहा कि देश के विभाजन के दौर में बंगाल को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने तथा जम्मू-कश्मीर को भारत की मुख्यधारा से जोड़े रखने के लिए डॉ. मुखर्जी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनका मानना था कि राष्ट्र की एकता और अखंडता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और भारत के प्रत्येक हिस्से के साथ समान राष्ट्रीय भावना होनी चाहिए। यही कारण है कि उनके विचार आज भी राष्ट्रीय एकता और मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संघर्ष उनके राष्ट्रवादी चिंतन का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। उस समय जम्मू-कश्मीर जाने के लिए परमिट की व्यवस्था थी और डॉ. मुखर्जी ने इसका विरोध करते हुए बिना परमिट जम्मू-कश्मीर की यात्रा की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और हिरासत में उनका निधन हुआ। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का यह संघर्ष राष्ट्रीय एकता के लिए उनके दृढ़ संकल्प का प्रतीक बन गया। वे ऐसी व्यवस्था के पक्षधर थे, जिसमें देश की एकता और अखंडता सर्वोच्च हो तथा किसी भी हिस्से को अलगाव की भावना से नहीं देखा जाए। बाद के वर्षों में उनके विचारों को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा ने राष्ट्र प्रथम, एक भारत, श्रेष्ठ भारत और अंत्योदय जैसे विषयों को प्रमुखता दी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय की विचारधारा के माध्यम से समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण को राजनीतिक चिंतन से जोड़ा। डॉ. मुखर्जी द्वारा बोया गया विचार का बीज आगे चलकर जनसंघ, जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के रूप में विस्तृत हुआ और आज यह राष्ट्रवादी विचारधारा देश के व्यापक जनजीवन का हिस्सा बन चुकी है।

अविराज सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विचारधारा का एक प्रमुख आधार भारत की एकता और अखंडता था। उनका स्पष्ट मत था कि एक राष्ट्र में अलग-अलग विधान, अलग-अलग प्रधान और अलग-अलग निशान की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी राष्ट्रीय संकल्प के कारण डॉ. मुखर्जी का संघर्ष आज भी स्मरण किया जाता है और उनके विचारों को राष्ट्रवादी राजनीति की आधारशिला के रूप में देखा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. मुखर्जी ने कांग्रेस सरकार की नीतियों से मतभेद के बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और देश में ऐसी राजनीतिक शक्ति के निर्माण की आवश्यकता महसूस की, जिसकी प्राथमिकता राष्ट्रहित, आत्मनिर्भर भारत, राष्ट्रीय एकता और जनकल्याण हो। इसी विचार के साथ भारतीय जनसंघ के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। आज भारतीय जनता पार्टी के विस्तार और केंद्र सहित अनेक राज्यों में उसकी सरकारों को वे उसी विचारधारा के विकास के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर को उनकी प्रतिमा का अनावरण आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाएगा कि राष्ट्र निर्माण केवल सत्ता का विषय नहीं, बल्कि विचार, सिद्धांत, त्याग और जनसेवा की निरंतर प्रक्रिया है।

कार्यक्रम में अरविंद सिंह लोधी मंडल अध्यक्ष, पुष्पेंद्र परिहार जिला उपाध्यक्ष भाजपा, जयंत सिंह बुंदेला नपा. अध्यक्ष, रावराजा राजपूत, दुरग सिंह, श्रीमती संध्या राजपूत महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष, अनिल पाराशर मंडल अध्यक्ष बंदरी, विश्वनाथ सिंह नपा अध्यक्ष, पप्पू मुक्कदम, श्रीमती लक्ष्मी लोधी, महेश पाराशर, जितेंद्र सिसोदिया, रामकुमार बघेल, प्रवीण जैन, आशीष पटेरिया, पुष्पेंद्र सिंह तोमर, रानी बुंदेला, शंभू दयाल मिश्रा, देवेंद्र बुंदेला, भीकम अहिरवार, बाबू सिंह सिसोदिया, रामजी तिवारी, शिवराज सिंह राजपूत, मंगल सिंह बघेल, भीकम यादव, हाकम सिंह राजपूत, श्रीमती कला लोधी, राजेंद्र सिंह बघेल, यशवंत बघेल, दीपक राजपूत, लल्लू राजा राजपूत, सुखपाल सिंह, जाहर अहिरवार, इरफान खान, कृष्णकांत अहिरवार, नीतेश यादव मंडल अध्यक्ष, चुन्नीलाल कुशवाहा, मनीराम चौका, प्रदीप यादव, सौरभ साहू, अजय राजपूत, राणा बुंदेला, तोरण सिंह उपस्थित रहे।
संवाददाता - रामबाबू पटेल, जिला सागर (मध्यप्रदेश)

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