देवरीकलाँ-:बढ़ती आबादी और प्रदूषण के कारण पर्यावरण पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के प्रति जनसामान्य को जागरूक बनाने के लिए त्रिवेणी-लख्मीचंद स्मृति सेवा न्यास ने सार्वजनिक गणेश स्थापना के 18वें वर्ष में ‘पर्यावरण सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’ का संदेश दिया।
पर्यावरण सुरक्षा एवं संवर्धन के प्रति जनसामान्य को जागरूक बनाने के उद्देश्य से सेवा न्यास ने गणेश उत्सव पर्व पर 108 गणेश मंडलों को माटी से निर्मित गणेश प्रतिमाएँ भेंट कीं। इन प्रतिमाओं को देवरी नगर तथा देवरी व केसली विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर समिति के नौजवान सदस्यों को पर्यावरण सुरक्षा एवं संवर्धन हमारी जिम्मेदारी है, इस बाबत शपथ भी दिलाई गई।
नगर के लक्ष्मी वार्ड स्थित त्रिवेणी बगीचा परिसर में सुबह 11 बजे से आरंभ हुए कार्यक्रम में नगर व ग्रामीण क्षेत्रों से आई विभिन्न गणेश समितियों को मिट्टी से बनी 108 प्रतिमाएँ एवं पूजन सामग्री प्रदान की गई। विगत दो दशकों से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय सेवा न्यास द्वारा कई वर्षों से देवरी व केसली विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक संगठन एवं भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बाल गणेश समितियों को माटी की प्रतिमाएँ भेंट की जाती रही हैं।
सेवा न्यास के संचालक अलकेश जैन ने बताया कि प्रतिवर्ष की भाँति इस बार भी नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली समितियों को स्थापना में मदद के लिए मिट्टी की 108 प्रतिमाएँ भेंट करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे पूर्ण कर लिया गया। शाम तक विभिन्न स्थानों से आई समितियों का ताँता लगा रहा। युवाओं को वनों की सुरक्षा एवं वृक्षारोपण कर परिवेश को हरा-भरा बनाने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के अतिथि पूर्व विधायक डॉ. भानु राणा ने समिति द्वारा पिछले 18 वर्षों से किये जा रहे इस आयोजन की सराहना की। अलकेश जैन ने कहा कि गणेश उत्सव सामाजिक संगठन एवं आपसी सौहार्द का त्योहार है, जिसके माध्यम से समाज के सभी वर्ग नजदीक आते हैं।
इस अवसर पर उमेश केवलारी, पंडित विजय तिवारी, गौरी पटैल, आशीष पटेरिया, महेन्द्र जाटव, संजय अरेले, जगत ठाकुर, विजय तुला, मनोज नामदेव, राजा गुप्ता, प्रियेश प्रजापति, राजेश लोधी, भगवत यादव, अनिल बिल्थरे, रामबाबू पटैल, गोलू जैन, कुलदीप साहू, निहाल लोधी, अतुल जैन, वीरेंद्र यादव, रमित जारौलिया सहित अन्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संवाददाता - रामबाबू पटेल देवरी कला, जिला सागर
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