डोंगरसलैया ग्राम का 149दर्ज संख्या वाला शासकीय माध्यमिक शाला सिर्फ दो शिक्षक के भरोसे

देवरीकला - मध्य प्रदेश के सागर जिले की देवरी तहसील में एक ऐसा भी स्कूल चल रहा है जहां पर एक शिक्षक जितेंद्र राजपूत के ही भरोसे पूरे स्कूल के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला मै दर्ज संख्या के करीव 150 बच्चों का भविष्य है क्योंकि एक परिसर एक शाला के अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में बच्चों की दर्ज संख्या के हिसाब से स्कूल में करीब पांच शिक्षकों की पदस्थापना होनी चाहिए  मगर जिला से लेकर देवरी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण 5शिक्षक की जगह मात्र 2 शिक्षक ही पदस्थ है जिनमे एक प्राथमिक शिक्षिका श्री मति रूपकला पटेल एवं माध्यमिक शाला में शिक्षक जितेंद्र राजपूत पदस्थ है जो वर्तमान  समय मै शिक्षिका श्रीमती रूप कला पटेल प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर हैं जो वर्तमान समय में करीव 5दिन के लिए एफ एल एन के प्रशिक्षण के लिए गई है  जिसके कारण एक ही शिक्षक के भरोसे पुरा स्कूल चलाया जा रहा है देवरी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी इस ओर ध्यान ना देकर चुप्पी साध के बैठे हुए है जिसके कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में हो रहा है एक शिक्षक कैसे 8 कक्षा को पढ़ा रहा होगा यह अंदाजा लगाया जा सकता है ऐसी ऐसी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही में डोंगर सलैया स्कूल के 149बच्चो का भविष्य अंधकार मय हो रहा है मगर इन अधिकारियों को बच्चों के भविष्य क्या लेना देना इनकी ओर देखना भी ये उचित नहीं समझ रहे हैं  वही जानकारी से प्राप्त हुआ है कि स्कूल के एक शिक्षक को  पूर्व समय पहले अधिकारियो ने अन्य जगह अटैच किया  है जिनके कारण अतिथि की नियुक्ति भी नहीं हो पा रही क्योंकि इसी स्कूल मै उन शिक्षक का नाम पोर्टल पर दर्ज है जिसके कारण खाली पद नहीं बता रहा ओर  हर बार अतिथि शिक्षक भी नियुक्त नहीं हो पाते है l क्या शासन प्रशासन इस ओर ध्यान देगा या नहीं या सिर्फ उम्मीद ही लगा सकते है l या चुप्पी साध के  चुपचाप बैठे ऐसे ही देखते रहेंगेl

इनका कहना है :-

आसपास के स्कूलों में जहां पर भी शिक्षक स्कूल के बच्चों की दर्ज संख्या से ज्यादा पदस्थ है उन  शिक्षको मै से शासकीय माध्यमिक शाला डोंगर  सलैया स्कूल के  बच्चो को पढ़ाने के लिए आदेश कर भेजूंगा
( अजय नगरिया वी. ई.ओ देवरी )

 बच्चों को पढाने में बहुत ही समस्या का सामना करना पड़ता है अकेले सभी सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ पढाना बड़ा ही मुश्किल काम है पर व्यवस्थाएं बनाये रखने के लिए अकेले ही  बच्चों को पढाना पड़ता है  यदि ओर भी शिक्षक आ जाये तो अच्छा रहेगा l 
(जितेन्द्र राजपूत शिक्षक शासकीय माध्यमिक शाला डोंगर सलैया) 
संवाददाता - रामबाबू पटैल, जिला सागर (मध्यप्रदेश) 
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